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सादे जीवन के चोले में रहता था बिन लादेन

४ जून २०१२

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अल कायदा के सरगना बने आयमन अल जवाहरी ने कहा है कि बिन लादेन एक सरल जीवन व्यतीत करने वाला इंसान था जो अपना सारा धन केवल जिहाद पर खर्च करता था. ये दावे कुछ सवाल भी उठा रहे हैं.

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तस्वीर: Picture-Alliance/dpa

जवाहरी ने एक इस्लामी वेबसाइट पर एक वीडियो डाला है जिसमें वह बिन लादेन की जिंदगी की चर्चा कर रहा है. वीडियो को "इमाम के साथ बिताए दिन, भाग दो" का नाम दिया गया है. इस से पहले भी जवाहरी बिन लादेन पर एक वीडियो बना चुका है.

आधे घंटे के इस वीडियो में कहा गया है की भले ही बिन लादेन के पास बेशुमार दौलत थी, लेकिन वह उसे केवल अमेरिका के खिलाफ जंग पर और मेहमान नवाजी पर खर्चता था. बिन लादेन के घर के बारे में बताते हुए जवाहरी ने कहा, "अगर आप उनके घर में जाते तो हैरान रह जाते. वह एक बेहद सामान्य घर था. वहां कुछ लकड़ी के पलंग थे, प्लास्टिक के गिलाफ और बहुत थोड़ा सा फर्नीचर."

आतंकवादी संगठन अल कायदा के प्रमुख जवाहरी ने कहा कि बिन लादेन अपने मेहमानों का खास ख्याल रखता था, "अगर शेख हमें अपने घर बुलाता, तो उनके पास जो भी हो, रोटी, सब्जी, चावाल, वह हमें सब देता." अपने मेहमानों के लिए वह खास तौर से अफगानिस्तान से भेड़ का पूरा झुंड मंगवा लेता था, "उन्हें लोग मेहमानों के साथ उदारते के लिए जानते थे. वह उनके लिए मवेशी हलाल करवाते ताकि उन्हें स्वादिष्ट खाना मिल सके."

ओसामा बिन लादेन सउदी अरब के अमीर परिवार से तालुक रखता था. रिपोर्टों के अनुसार उसकी कुल संपत्ति तीन से तीस करोड़ डॉलर के बीच थी. ऐसा भी माना जाता है कि बिन लादेन के पास एक अरब डॉलर से ज्यादा का धन था. जवाहरी ने कहा कि बिन लादेन ने केन्या और तंजानिया में अमेरिकी दूतावास पर हमलों के लिए पचास हजार अमेरिकी डॉलर खर्च किए. ये हमले 1998 में किए गए. जवाहरी के अनुसार उस समय लादेन के पास 55 हजार डॉलर ही थे, "उन्होंने अपना सारा पैसा जिहाद पर खर्च दिया, खास तौर से ग्यारह सितम्बर 2001 के हमलों पर, नैरोबी और दर एस सलाम में अमेरिकी दूतावास पर हमलों की तैयारी पर."

ओसामा बिन लादेन की मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी के कंमाडो मिशन में मारा गया. बिन लादेन की मौत के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में खटास आ गई है. पाकिस्तान कहता रहा है कि उसे बिन लादेन की कोई जानकारी नहीं थी. अब जवाहिरी जिस तरह बिन लादेन की मेहमान नवाजी का दावा कर रहा है, उससे एक बार फिर सवाल उठता है कि क्या वाकई इस्लामाबाद को कुछ नहीं पता था. जवाहिरी के दावों से यह सवाल भी खड़ा होता है कि आखिर बिन लादेन हमलों के लिए किस ढंग से अपना पैसा इधर उधर भिजवाता था.

आईबी/ओएसजे (एएफपी/रॉयटर्स)

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