1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

ईरान से दूतावास कर्मचारियों को ब्रिटेन ने वापस बुलाया

३० नवम्बर २०११

ब्रिटेन ने कहा है कि वह ईरान में अपने दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुलाएगा. एक दिन पहले तेहरान में प्रदर्शनकारी जबरदस्ती दूतावास में घुस गए और वहां भारी तोड़फोड़ की. ब्रिटेन के ईरान पर प्रतिबंध लगाने का विरोध.

https://p.dw.com/p/13JMj
तस्वीर: dapd

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने यह साफ कर दिया है कि हमारे कर्मचारियों और उनके परिवार की सुरक्षा हमारी तत्काल वरीयता है. पिछले दिन की घटना के बाद उनकी सुरक्षा तय करने के लिए कुछ कर्मचारी वहां से वापस लौट रहे हैं." इससे पहले तेहरान में मौजूद पश्चिमी देशों के कूटनीतिक सूत्रों ने खबर दी थी कि ब्रिटेन अपने सारे कर्मचारियों को ईरान से वापस बुला रहा है. पर अब साफ हो गया है कि केवल कुछ ही कर्मचारियों को वापस लौटने के लिए कहा गया है.

कर्मचारियों का एक समूह खबर लिखे जाने तक तेहरान एयरपोर्ट पर पहुंच चुका था जिसे वहां से दुबई रवाना होना था. ब्रिटिश राजनयिकों ने हमले के बाद पूरी रात यूरोपीय संघ के दूतावासों में गुजारी. एक राजनयिक के मुताबिक ज्यादातर लोग फ्रांस के दूतावास में थे.

Flash-Galerie Iran Britische Botschaft
तस्वीर: dapd

मंगलवार को नारे लगाते ईरान के प्रदर्शनकारी ब्रिटेन के दूतावास में घुस गए और वहां भारी तोड़फोड़ की. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग 'ब्रिटेन की मौत' के नारे लगा रहे थे और ब्रिटेन का झंडा भी फाड़ दिया गया. ब्रिटिश दूतावास के दो परिसरों में कई घंटे तक तोड़ फोड़ चलती रही. ईरान के प्रदर्शनकारी ब्रिटेन के इस एलान से नाराज थे कि वह ईरान से आर्थिक मामलों में सारे संबंध तोड़ लेगा. ब्रिटेन की तरफ से आर्थिक प्रतिबंध लगाने का यह फैसला अमेरिका और कनाडा की तरफ से लगाए नए प्रतिबंधों के साथ सहयोग की दिशा में एक कदम है.

Flash-Galerie Iran Britische Botschaft
तस्वीर: dapd

ब्रिटिश दूतावास में तोड़फोड़ करने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय में निंदा की गई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस कदम की आलोचना की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह, "इस घटना से हैरान हैं और उन्हें इस बात से बहुत दुख पहुंचा है कि ईरानी प्रदर्शकारी ब्रिटिश दूतावास में घुस गए, वहां कर्मचारियों को कुछ देर तक बंधक बनाए रखा और तोड़फोड़ की." यहां तक कि ईरान के सबसे बड़े सहयोगी रूस ने भी इस घटना को 'अस्वीकार्य' कहा है.

Flash-Galerie Iran Britische Botschaft
तस्वीर: dapd

ईरान के फार्स समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि शहर के ऊत्तरी हिस्से मे मौजूद दूतावास पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने धावा बोला और पुलिस को उनकी कैद में मौजूद छह राजनयिकों को मुक्त कराने के लिए कई घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी. इसी तरह शहर के बीच सिटी सेंटर मे मौजूद ब्रिटिश दूतावास के दफ्तर पर हुए हमले में प्रदर्शकारियो ने वहां रखे दस्तावेजों को बिखेर कर जला दिया.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर अफसोस जताया है. हालांकि कुछ ईरानी अधिकारी इसके लिए ब्रिटेन के उनके देश के प्रति रवैये को इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं. ईरानी संसद के स्पीकर अली लारिजानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की गई निंदा को 'जल्दबाजी' कहा है. लारिजानी ने कहा, "बहुत से छात्र ब्रिटिश सरकार के रवैये से नाराज थे और दशकों से ब्रिटेन की ईरान के प्रति दिखाई गई दबंगई के कारण उन्होंने ऐसा व्यवहार किया."

Erstürmung der britischen Botschaft in Teheran
तस्वीर: dapd

संसद की सुरक्षा और विदेश नीति मामलों की कमेटी प्रमुख अलाएद्दीन बोरोजेरदी ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना से कहा, "ईरान सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और विएना समझौते का सम्मान करता है इस मामले की वजह से दूसरे राजनयिकों और दूतावासों के मन में किसी तरह का कोई डर नहीं होना चाहिए."

ब्रिटेन ने इस घटना को ईरान सरकार की गंभीर असफलता कहा है अपने देश के नागरिकों से ईरान और दूसरे कुछ देशों की गैर जरूरी यात्रा के लिए चेतावनी जारी की है. साथ ही इन देशों में रह रहे अपने देश के नागरिकों को घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है.

रिपोर्टः रॉयटर्स, एएफपी/एन रंजन

संपादनः ओ सिंह

इस विषय पर और जानकारी को स्किप करें

इस विषय पर और जानकारी