उड़ीसा में उपद्रव पर काबू पाने के प्रयासों के बीच दंगाईयों ने उपद्रवग्रस्त कंधमाल ज़िले के पड़ोसी बौध ज़िले में हमला किया है और आठ घरों में आग लगा दी.
उड़ीसा के कंधमाल जिले में अब पुलिस तथा अर्ध-सैनिक बलों के कड़े प्रबंध के कारण ईसाई-विरोधी हिंसा करने वालों की दाल नहीं गल पा रही है। इसलिए वे पड़ोस के बौध जिले में घुस कर वहां उत्पात मचाने लगे हैं। ख़बर है कि बौध जिले के कान्तामल पुलिस क्षेत्र में इस लोगों ने आठ घरों में आग लगा दी है। एक पखवाडे पहले भी इस इलाके में घरों को जलाया गया था।
इसी बीच आज राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह वह अपना दो-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उड़ीसा भेजेगा। इसमें आयोग के उपाध्यक्ष माइकेल पिंटो और सदस्य हरचरण सिंह जोश शामिल होंगे। आयोग पिछले दस महीनों के दौरान चार बार अपना प्रतिनिधिमंडल उड़ीसा भेज चुका है।
आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद शफी कुरैशी ने कहा है कि आयोग देखना चाहता है कि हिंसा-प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास का काम किस तरह से चल रहा है। कल आयोग के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भेंट करके उन्हें उड़ीसा के हालत की जानकारी दी थी। उन्होंने यह मांग भी की थी कि साम्प्रदायिक हिंसा में लिप्त सभी संगठनों पर प्रतिबन्ध लगाया जाए। कुरैशी ने स्पष्ट किया था कि इस तरह के संगठनों में बजरंग दल भी शामिल है।
सत्तारूढ़ यू पी ऐ के भीतर बजरंग दल पर प्रतिबन्ध लगाने को लेकर अभी तक एक राय नहीं बन पायी है। कल इस बारे में केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तृत चर्चा की गयी लेकिन वह बेनतीजा रही। कांग्रेस इस मामले में फूँक-फूँक कर कदम रख रही है।
गृह मंत्रालय बजरंग दल के बारे में ऐसे प्रमाण इकट्ठे कर रहा है जिनसे उस पर प्रतिबन्ध लगाने का औचित्य सिद्ध हो सके। उधर बजरंग दल के संयोजक प्रकाश शर्मा ने सरकार को चुनौती दी है कि यदि उसमें हिम्मत है तो वह प्रतिबन्ध लगा कर दिखाए।
इसी बीच ईसाई धर्मगुरु और नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के साथ संवाद भी शुरू कर दिया है। उनकी बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ मुलाकात के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने पर सहमति बनी। आडवाणी ने ईसाई नन पर हुए बलात्कार और ईसाई-विरोधी हिंसा की निंदा की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि धर्म-परिवर्तन पर भी बहस होनी चाहिए।
यदि उडीसा सरकार हिंसा पर काबू नहीं पा सकी, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग ज़ोर पकड़ सकती है।
कुलदीप कुमार, नई दिल्ली