1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

स्कूलों को खाली करे सेनाः सुप्रीम कोर्ट

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को सेना के इस्तेमाल में लाई जा रही शिक्षण संस्थाओं को खाली कराने को कहा है. सरकार को दो महीने के भीतर इस आदेश का पालन करना होगा. उन स्कूली इमारतों को खाली करना होगा, जहां फौजी हैं.

न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायाधीश एसएस निज्जर की खंडपीठ ने बच्चों की तस्करी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार को यह आदेश दिया. याचिका में मणिपुर और असम से हाल ही में 76 बच्चों की खरीद फरोख्त कर तमिलनाडु भेजने का मामला भी उठाया गया.

अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सेना के इस्तेमाल में आ रहे स्कूल और छात्रावासों को इससे मुक्त कराने के निर्देश के बावजूद इसका पालन नहीं हो रहा है. अदालत ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को इस तरह के शिक्षण संस्थानों की पहचान कर सेना और केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों से दो महीने के भीतर पूरी तरह से खाली कराने को कहा है.

इसके अलावा पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विकास मंत्रालय को भी सभी सातों राज्यों की सरकारों के साथ इस समस्या से जुड़े पहलुओं पर समीक्षा बैठक करनी होगी. अदालत ने यह आदेश राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की सिफारिश के आधार पर दिया है. अदालत के निर्देश पर आयोग ने बच्चों की तस्करी से जुड़े इस सनसनीखेज मामले की जांच कर यह सिफारिश की है.

खंडपीठ ने मणिपुर, असम, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु सरकार को स्कूल और छात्रावास चला रहे गैरपंजीकृत चैरीटेबल ट्रस्ट बंद करने का भी आदेश दिया. इस साल मार्च में मीडिया रिपोर्टों के आधार पर उजागर हुए इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेने के बाद एनसीपीसीआर को राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी जांच करने को कहा. हालांकि सभी 76 बच्चों की बरामदगी हो चुकी है और इन्हें इनके घर भी भेजा दिया गया है. अदालत ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को यह आदेश दिए.

रिपोर्टः पीटीआई/निर्मल

संपादनः ए जमाल

DW.DE

WWW Links

अन्य खबरें