भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो में मंगलवार तड़के दो लोगों ने अचानक गार्डों पर गोलियां चलाईं और भाग गए. भारत का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि यह एक आतंकवादी हमला है.
इसरो का मुख्यालय
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बैंगलोर के पास बयालू में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के पास दो युवक संदिग्ध हालत में घूम रहे थे. फिर उन्होंने अचानक इसरो के गार्डों पर गोलियां चला दीं. गार्डों ने जवाबी फ़ायर किया लेकिन दोनों हमलावर भागने में सफल हो गए. इसरो का कहना है कि इन युवकों ने छोटे पिस्तौल से गोलियां चलाईं.
भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम का कहना है कि अभी इस हमले को किसी तरह की आतंकवादी कार्रवाई से जोड़ना ठीक नहीं होगा. उन्होंने दिल्ली में बताया कि पता चला है कि हमलावर किसी तरह की वर्दी पहने हुए थे और उन्होंने शायद देसी कट्टे से गोलियां चलाईं.
चिदंबरम ने कहा, "हमें पता लगाना है कि ये कौन लोग थे. यह एक ग़ैरपेशेवराना हमला लग रहा है. अभी किसी तरह के संकट की बात नहीं है. हम सिर्फ़ इतना कह सकते हैं कि हमला हुआ है. क्या यह आतंकवादी हमला है, इसके बारे में बाद में बताया जा सकेगा."
केंद्र सरकार ने इस मामले में कर्नाटक से रिपोर्ट मांगी है. केंद्र सरकार ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में तड़के साढ़े तीन चार बजे दो लोगों ने इसरो की इमारत पर गोलियां चलाईं. पिछले महीने पुणे की जर्मन बेकरी में हुए हमले के बाद भारत ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी.
इसरो भारत की अंतरिक्ष परियोजना का मुख्यालय है और हाल के दिनों में इसने शानदार कामयाबी हासिल की है. कई देसी विदेशी उपग्रह यानी सैटेलाइट छोड़ने के अलावा इसरो ने पिछले दिनों चांद पर अपना अभियान चंद्रयान 1 शुरू किया, जिसने चांद पर पानी और बर्फ़ खोजने का काम किया. इसरो का मुख्यालय एक बेहद संवेदनशील क्षेत्र है और इसे हाई सिक्योरिटी पर रखा जाता है. यहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं. गोलीबारी की घटना की एफ़आईआर कर दी गई है और जांच शुरू हो गई है.
रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल