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फीडबैक

सोने की नैनो ख़ूबियां

स्वर्ण स्पंज के चमत्कारिक गुण, मछली के तैरने की तकनीक से जहाज इंजन तैयार करने के प्रयास और खेल जगत की खबरों पर हमारे श्रोता क्या लिखते हैं......

खोज में मछली पर शोध कर जहाज़ का निर्माण किया जाना अच्छी ख़बर है. हकीकत में इसके निर्माण से पोल्यूशन में कमी होगी. हेलो ज़िंदगी में जावेद अख़्तर से इंटरव्यू अच्छा लगा. आप से गुज़ारिश है अमीन सैयानी से इंटरव्यू सुनवाए.

इसराइल अंसारी, आजाद रेडियो लिस्नर्स क्लब, नौगछिया, भागलपुर, बिहार

खोज में सोने की नैनो खूबियां, भूकंप के कई पहलुओं समेत दूसरी चर्चाएं भी बहुत ज्ञानपूर्ण और रोचक लगी. बीती घटना को टीवी पर काल्पनिक रूप में भी दिखलाना ख़तरनाक है, और इससे प्रसारणकर्ता की साख गिर जाती है.हेलो जिंदगी में भारतीय हॉकी की खस्ताहाली पर सटीक चर्चा सुनने को मिली, जावेद अख्तर से वार्ता भी पसंद आयी.

सैयद एहसान अहमद, सीवान, बिहार

आपका आज का मैच प्वाइंट कार्यक्रम सुना. खेल जगत की पूरी जानकारी मिली. पाकिस्तान हॉकी टीम पर इंटरव्यू सुना. आईपीएल और फॉर्मूला वन पर रिपोर्ट अच्छी लगी. आपके सभी कार्यक्रम हमें अच्छे लगते है. अनुरोध है कि अधिक से अधिक खेल सामाचारों को बताया जाए

डा. एस.एस भट्टाचार्य, चेतक लि. क्लब, मिदनापुर

वर्ल्ड कप संपन्न हुआ, पर हॉकी जिस देश का राष्ट्रीय खेल है, जो आयोजक था उसके लिये ढेर से अनुत्तरित प्रश्न छोड़ गया है. चक दे इंडिया के शाह रुख़ सा कोच हमें निरंतर चाहिये, तभी अगले हाकी के किसी विश्व आयोजन में कुछ हो सकता है, वरना आग लगने पर कुंआ खोदने से कुछ नही हो सकता. एन मौके पर हाकी खिलाड़ी अपने भुगतान के लिये चेतावनी देते हैं, कुछ पब्लिसिटि के भूखे नेता बड़ी बड़ी घोषणाएं भी करते हैं, पर पराजय के ये पृष्ठ तभी लिखे जा चुके थे ... अब ज़रूरत है कि बिना विराम हॉकी टीम का अभ्यास, कोचिंग, नये चेहरों की खोज जारी रहे तभी भविष्य में कुछ हो सकता है ...

विवेक रंजन श्रीवास्तव, जबलपुर

मैच प्वाइंट के अंतर्गत हॉकी वर्ल्ड कप पर रिपोर्ट अच्छी लगी. इस कार्यक्रम में हॉकी के अलावा खेलों की भरपूर जानकारी मिली.मेरा एक विचार है हर मैच प्वाइंट के आखिर में एक सवाल पूछा जाए जिस का जवाब श्रोता एसएमएस से भेजें जिसका जवाब सही हो उसका नाम अगले प्रोग्राम में बताए.

सैयद अली सईद,फ्रेंडशिप रेडियो लिस्नर्स क्लब,कोआथ,रोहतास,बिहार

हेलो जिंदगी में खोई हुई हॉकी को ढूंढ़ने का प्रयास किया गया,जो निराशाजनक लगा. भारतीय हॉकी का भविष्य धूमिल दिखाई दे रहा है. जिसके लिए हम भारतीय ही ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं. खिलाड़ियों का इसमें कोई दोष नहीं है. वास्तव में क्रिकेट की तुलना में हॉकी नेता से लेकर मीडिया तक सबकी नज़र में निम्न श्रेणी का खेल है. जब कोई हॉकी को पसंद ही नहीं करता तो भारतीय हॉकी की हालात पर दुख क्यों? सुप्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर साहब के साथ बातचीत सार्थक लगी.

चुन्नीलाल कैवर्त, ग्रीन पीस डी एक्स क्लब, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़

कैसे खेलूं मैं होली ?

बोलो कैसे खेलूं मैं होली ?

अंखियन में नीर है, दिल में है पीर

कैसे दिखाऊं दिल को मैं चीर,

बोलो कैसे खेलूं मैं होली ?.....

द्वापर में एक होलिका

कलयुग में लाखों हैं मल्लिका

मायूसों के खून से दरिंदे खेलते हैं होली

सच बोलने से चलती है गोली

अबलाओं के जिस्म की लगती हैं यहां बोली

बोलो कैसे खेलूं मैं होली ?.....

गरीबों की खाली है झोली

भ्रष्टाचार की चारों ओर है बोली

मज़दूर इंसानों को नहीं है निबाला

अमीरों के यहां भरा है दूध का प्याला

बेसहारों का नहीं कोई रखवाला

जहां अनगिनत कन्याओं की

दहेज की खातिर मौत की उठती है डोली

बोलो कैसे खेलूं मैं होली ?.....

मुरारी साह परदेसी, जिला किशनगंज, बिहार

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