जॉर्जिया में एक ग़लत टीवी रिपोर्ट ने लोगों के बीच खलबली मचा दी. इमेदी टीवी ने 2008 में रूस जॉर्जिया युद्ध के दौरान रूसी टैंकों के वीडियो चलाए और दिखाया कि राष्ट्रपति साकाशविली को मार दिया गया है.
रिपोर्ट देखते ही तबिलिसी में रह रहे लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर उतर आए. देश के मोबाइल नेटवर्क जाम हो गए और लोगों में घबराहट फैल गई. इमेदी टीवी ने रिपोर्ट दिखाने से पहले बताया तो था कि यह केवल काल्पनिक है लेकिन कई लोगों ने चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया और तुरंत परेशान हो गए.
साकाशविली की चाल?
जॉर्जिया के गृह मंत्रालय ने कहा है कि इस रिपोर्ट से लोगों में खलबली मच गई. कई लोगों ने फ़िल्म देखने गए अपने बच्चों को वापस घर बुला लिया. स्थानीय समाचार एजेंसियों के मुताबिक कार्यक्रम देखने के बाद कई लोग बेहोश हो गए और कुछ लोगों को दिल का दौरा भी पड़ा.
रिपोर्ट में 2008 के युद्ध के विडीयो का इस्तेमाल किया गया है जब जॉर्जिया ने दक्षिण ओसेतिया पर हमला किया और पलटवार करते हुए रूसी टैंक जॉर्जिया की राजधानी तबलिसी के बहुत नज़दीक आ गए थे.
इस ख़बर से फैले तनाव को रोका जा सकता इससे पहले रूस के इंटरफ़ैक्स समाचार एजेंसी और मॉस्को के एको रेडियो ने ख़बर फैला दी.
इमेदी टीवी में प्रस्तुतकर्ता ने फिर लोगों से कहा कि वे इस रिपोर्ट के लिए माफ़ी चाहते हैं, लेकिन वे बस दिखाना चाहते थे कि जॉर्जिया के इतिहास का सबसे बुरा वक़्त देखने में कैसा लगेगा. ज़ाहिर है कि आम जनता को यह बात रास नहीं आई और दर्जनों लोगों ने सीधे टीवी स्टेशन पर धावा बोल दिया.
घटनाक्रम को देखते हुए राष्ट्रपति साकाशविली का कहना है कि ख़बर औऱ रिपोर्ट वैसे तो बहुत अच्छी नहीं है लेकिन सबसे बुरी बात यह है कि यह सच्चाई के बहुत करीब है और जॉर्जिया की सेना की सोच भी कुछ ऐसी है. उधर विपक्षी नेता नीनो बुर्जानाद्से ने इसको एक घटिया हरकत कहते हुए खारिज किया है. रूस के अधिकारियों ने भी रिपोर्ट को खारिज किया है. नाटो को रूस के दूत दमित्री रोगोज़िन ने कहा कि साकाशविली इस तरह के कार्यक्रमों के ज़रिए रूसी और जॉर्जियाई लोगों के बीच मतभेद फैलाना चाहते हैं.
रिपोर्टः एजेंसिया/ एम गोपालकृष्णन
संपादनः आभा मोंढे