उत्तर भारत में जहां ठंड के बाद मौसम सुहाना है वहीं केरल में लोग अभूतपूर्व गर्मी से परेशान हैं. त्रिचूर में तो एक बुज़ुर्ग की मौत भी हो गई है. कई ज़िलों में धूप से झुलसने के मामले सामने आ रहे हैं.
लोगों को गर्मी से बचाने के लिए सरकार ने उठाए कई क़दम
चित्रूर के पुथानपल्ली गांव में 70 साल के एक व्यक्ति की खेत में ही मौत हो गई. गांववालों का कहना है कि बेहद गर्मी के बीच खेत में काम कर रहे बुजुर्ग व्यक्ति को अचानक हरारत होने लगी और फिर उन्होंने दम तोड़ दिया. आसपास के लोग मौत के लिए गर्मी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं.
हालात राज्य के दूसरे इलाकों में भी अलग नहीं हैं. पिछले कुछ दिनों में केरल के कई इलाकों में धूप में जलने के मामले सामने आ रहे हैं. विज्ञान की भाषा में इन मामलों को सन बर्न कहा जाता है. सन बर्न में सूर्य की पराबैंगनी किरणें इंसान या जानवरों को भारी नुक़सान पहुंचाती है. गर्मी की वजह से शरीर और इंद्रिय तंत्र गड़बड़ाने लगाता है. त्वचा के कैंसर के साथ साथ डीएनए को नुक़सान पहुंचने का ख़तरा भी बना रहता है. कई मामलों में काफ़ी देर तक पराबैंगनी किरणों वाली तेज़ धूप में रहने से मौतें भी हुई हैं.
फिलहाल सन बर्न की शिकायतें कोल्लम ज़िले के त्रिचूर और पलक्कड़ में सबसे ज़्यादा मिल रही हैं. मामले की जांच के लिए केरल की सरकार ने वैज्ञानिकों की एक टीम को पलक्कड़ भेज दिया है. जांच दल हालत
दुनिया भर में अपनी ख़ूबसूरती के लिए मशहूर केरल
की समीक्षा करेगा और उपचार संबंधी दिशा निर्देश बनाने के लिए सुझाव देगा. अब तक की जांच से पता चला है कि मौसम आश्चर्यजनक रूप से बदला है. ग्रामीण रोज़गार योजना के तहत आने वाले मज़ूदरों के कामकाज़ के समय को बदल दिया गया है. दोपहर में काम काज़ रोक दिया गया है. स्कूलों को भी आदेश दिया गया है कि छात्रों को खुले मैदान में एक साथ इकट्ठा न करें.
सर्दियों में आम तौर पर केरल में औसत तापमान 18 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. गर्मियों में भी औसत अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आस पास रहता है. लेकिन इस बार मार्च में ही तापमान 40-42 डिग्री बना हुआ है और बारिश बिल्कुल नहीं हो रही है. विषुवत रेखा के क़रीब होने की वजह से केरल में गर्मियों का सीज़न मार्च से जून की शुरुआत तक रहता है.
मौसम और जलवायु विशेषज्ञ भी हैरान हैं. इस बदलाव को जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है. अब भारतीय मौसम विभाग केरल के अलग अलग इलाकों में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखकर सर्वे कराने की योजना बना रहा है.
रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह
संपादन: ए कुमार