ऑस्ट्रेलिया ने जर्मनी को 2-1 से हराकर हॉकी वर्ल्ड कप जीता. 24 साल बाद मिली ऑस्ट्रेलिया को यह क़ामयाबी. कंगारूओं की रक्षा पंक्ति के आगे तरसते रहे जर्मन खिलाड़ी. हॉलैंड तीसरे स्थान पर रहा.
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान जेमी ड्वेयर ने जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा,"हमारे शानदार डिफ़ेन्स के कारण यह जीत मुमकिन हुई. हमारे कोच(रिक चार्ल्सवर्थ) की भी इस जीत में बड़ी भूमिका रही."
ऑस्ट्रेलिया की जीत के लिए निर्णायक गोल ल्यूक ड्योर्नर ने पेनल्टी कॉर्नर के मौक़े को भुनाते हुए किया. "पेनल्टी के पहले ड्योर्नर मैदान में नहीं थे. उन्होंने सिर्फ़ पेनल्टी खेली. जर्मन कप्तान मैक्सिमिलियान म्युलर ने कहा कि जहां तक हमारा सवाल है, वो(ड्योर्नर) पेनल्टी कॉर्नर के पहले मैदान पर नहीं थे और इसलिए गोल भी नहीं कर सकते थे जो कि उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर के दौरान किया."
ऑस्ट्रेलिया की तरफ़ से पहला गोल छठें ही मिनट में एडी ओकेन्डन ने किया. इसके बाद 48वें मिनट में मोरित्स फुर्स्टे ने जर्मनी के लिए गोल करते हुए स्कोर एक एक से बराबर किया. लेकिन हॉकी विश्व कप में अपने आठवें गोल के साथ ड्योर्नर ने ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई. उन्हें मैन ऑफ़ द मैच घोषित किया गया.
जर्मन कप्तान म्युलर ने भी ऑस्ट्रेलिया की रक्षा पंक्ति को जीत का श्रेय दिया. "ऑस्ट्रेलिया के डिफ़ेन्स ने मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. हमारे खिलाड़ियों को स्ट्राइक करने का फल नहीं मिला. शायद कम अनुभव के कारण. फ्लोरियान फुक्स जैसे खिलाड़ी अभी अपने खेल को तराश रहे हैं.50 मैचों के बाद वो हमारा एक बड़ा हथियार होगा."
दिसंबर में हुई हॉकी की 10वीं चैम्पियन्स ट्रॉफ़ी में ऑस्ट्रेलिया ने जर्मनी को 5-3 से हराया था. टीम के कोच चार्ल्सवर्थ का कहना था कि "इस टीम को तैयार करने के लिए हमें 15 महीनों का समय लगा. जर्मन टीम ने चैंपियन्स ट्रॉफ़ी के बाद अपना खेल काफ़ी सुधारा है इसलिए यह जीत हमारे लिए बहुत मायने रखती है. मुझे याद है कि 24 साल पहले हम जर्मनी से थोड़े ही अंतर के साथ जीते थे."
इसके पहले हॉलैंड ने इंग्लैंड को 4-3 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया.
रिपोर्टः एजेंसियां/आभा मोंढे
संपादनः एम गोपालकृष्णन