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दुनिया

बीजेपी में बग़ावती सुर, जारी होगा व्हिप

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बीजेपी में बग़ावती सुर उठने की आशंका बढ़ने लगी है और पार्टी ने इसके पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी करने का फ़ैसला किया है. अगर बीजेपी विधेयक के ख़िलाफ़ हो जाए, तो सरकार को मुश्किल होगी.

बीजेपी का एक धड़ा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर ख़ुश नहीं है और उसने धमकी दी है कि वह लोकसभा में इसके विरोध में वोटिंग कर सकता है. बग़ावती सुर टालने के उद्देश्य से पार्टी ने अपने सदस्यों को व्हिप जारी करने का फ़ैसला किया है.

बीजेपी के आलाकमान ने इन बातों को बेहद गंभीरता से लिया है और कहा है कि सदस्यों को एकजुट बनाए रखने के लिए व्हिप जारी किया जाएगा. व्हिप जारी होने के बाद सांसद अपनी पार्टी लाइन से अलग वोटिंग नहीं कर सकता है.

पार्टी की दिग्गज नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गुरुवार सुबह बीजेपी के उन सांसदों से मुलाक़ात की, जिन्हें लगता है कि महिला आरक्षण विधेयक ठीक नहीं है. उन्हें समझाने की कोशिश की गई. महिला आरक्षण विधेयक के अनुसार अगले 15 साल तक देश भर में महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण मिलेगा.

असंतुष्ट सांसदों से मुलाक़ात के बाद सुषमा स्वराज ने कहा, "विधेयक को जब लोकसभा में पेश किया जाएगा, तो हम पार्टी के सांसदों के लिए व्हिप जारी कर देंगे." व्हिप का पालन नहीं करने वाले सांसदों की सदस्यता ख़ारिज हो जाती है. बीजेपी ने राज्यसभा में इस विधेयक का समर्थन किया था.

बीजेपी के जो सांसद महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर रहे हैं, उनमें गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यानाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव और लंबे वक्त तक जनता दल से नाता रखने वाले रमेश ब्यास शामिल हैं.

राज्यसभा में वोटिंग के दौरान यूपीए के साथी दल आरजेडी और समाजवादी पार्टी ने बिल का विरोध किया था और उनके सात सांसदों को सस्पेंड भी कर दिया गया था. हालांकि बीजेपी ने राज्यसभा में सरकार का साथ दिया था. लोकसभा में बीजेपी के 116 सांसद हैं और विधेयक को दो तिहाई बहुमत से पास कराने के लिए यूपीए सरकार को उसका साथ ज़रूरी है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

संपादनः प्रिया एसेलबॉर्न

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