मैच फ़िक्सिंग में फंसे भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन के लिए कांग्रेस ने क्रिकेट बोर्ड पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. पार्टी का कहना है कि दूसरे क्रिकेटरों की तरह अज़हर पर लगी जीवन भर की पाबंदी हट जानी चाहिए.
अज़हर के चुनाव प्रचार में आए थे कपिल देव
कांग्रेस पार्टी का एक बड़ा धड़ा अज़हरुद्दीन के साथ खुल कर सामने आ गया है, जिसमें क्रिकेट बोर्ड में असर रखने वाले लोग भी शामिल हैं. उत्तर प्रदेश के कांग्रेस सांसदों ने क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई से अपील की है कि अज़हर के क्रिकेट खेलने पर ज़िन्दगी भर की पाबंदी को हटा लिया जाना चाहिए. इस सिलसिले में कांग्रेस सांसदों ने आईसीसी के उपाध्यक्ष और बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार से बात भी की है. अज़हर मुरादाबाद से कांग्रेस के लोकसभा सांसद हैं.
लगभग 10 साल पहले 2000 में दिल्ली पुलिस ने क्रिकेट में मैच फ़िक्सिंग के विशाल रैकेट का भंडाफोड़ किया था. दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोन्ये और भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन इस जाल में सबसे ज़्यादा फंसे थे. इसके बाद अज़हर सहित कई खिलाड़ियों पर ज़िन्दगी भर के लिए क्रिकेट खेलने पर पाबंदी लगा दी गई थी.
राजीव शुक्ला ने की फ़ील्डिंग
बाद में अज़हर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए और उन्हें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से पार्टी ने लोकसभा का टिकट दे दिया. अज़हर इस साल चुनाव जीत गए और अभी कांग्रेस के सांसद हैं. उनके लिए कांग्रेस प्रवक्ता राजीव शुक्ला, कांग्रेस सांसद राज बब्बर और जितिन प्रसाद जैसे नेता लॉबिंग कर रहे हैं. राजीव शुक्ला का बीसीसीआई में काफ़ी दख़ल है और उनके पास एक पद भी है. शुक्ला ने कहा, "मैंने बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर से बात की है. उन्होंने कहा कि अगर अज़हर ख़ुद इस मामले में आगे आते हैं तो बीसीसीआई सालाना सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाएगा."
अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में लगातार शतक बनाने वाले अज़हर किसी वक्त में भारत के सबसे बड़े बल्लेबाज़ समझे जाते थे. लेकिन मैच फ़िक्सिंग में नाम आने के बाद उनका करियर नष्ट हो गया. उन्होंने 99 टेस्ट मैचों में 6215 रन बनाए हैं, जबकि 334 वनडे भी खेल चुके हैं. मैच फ़िक्सिंग में भारत की ओर से मनोज प्रभाकर, अजय जडेजा और अजय शर्मा का भी नाम आया था.
रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल