मुंबई में पिछले साल हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में इटली की पुलिस ने पाकिस्तान के दो नागरिकों को गिरफ़्तार किया है. ये दोनों बाप और बेटे हैं और इन्हें ब्रेसिया शहर में पकड़ा गया है.
इटली में गिरफ़्तारी
इटली पुलिस का कहना है कि इन पाकिस्तानी नागरिकों के पैसे ट्रांसफ़र करने की कंपनी का इस्तेमाल पिछले साल मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के वक्त किया गया. आतंकवाद निरोधी पुलिस का कहना है कि ये दोनों बाप बेटे पैसे ट्रांसफ़र करने की कंपनी चलाते हैं. इन्हें गिरफ़्तार करने से पहले लगभग साल भर तक इनसे पूछताछ की जाती रही.
60 घंटे तक चला ऑपरेशन
इटली की पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि इन्होंने पिछले साल 26/11 के हमलों से ठीक एक दिन पहले एक इंटरनेट फ़ोन को चालू करने के लिए पैसे ट्रांसफ़र किए. ब्रेसिया शहर के आतंकवाद निरोधी दस्ते के प्रमुख स्टीफ़ानो फ़ोन्सी ने बताया कि इस फ़ोन का इस्तेमाल अगले दिन मुंबई हमलों के लिए किया गया. हमलावर आतंकवादी और उनके आक़ा इसी फ़ोन से संपर्क में थे.
फ़ोन्सी ने बताया कि अमेरिकी जांच विभाग एफ़बीआई ने पिछले साल मुंबई हमलों के बाद ही इटली की सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट कर दिया था कि फ़ोन चालू करने के पैसे इटली से भेजे गए. इसके बाद दिसंबर, 2008 में जांच शुरू हो गई. पुलिस के मुताबिक़ पैसे ऐसे शख़्स के नाम से ट्रांसफ़र किए गए, जो पाकिस्तानी तो था लेकिन वह कभी भी इटली नहीं आया था और न ही इस साज़िश में शामिल था.
इन दोनों पर अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को बढ़ावा देने और जाली तरीक़े से आर्थिक हेराफेरी करने के बड़े आरोप लगे हैं. हालांकि इटली की पुलिस का कहना है कि किसी दूसरे के नाम से पैसे भेजने की बात ब्रेसिया शहर में आम है.
पुलिस ने बताया कि कुल 12 लोगों के नाम उनके पास हैं और पूछताछ का काम चल रहा है. रेडियो डॉयचे वेले ने इस मामले में इटली में पाकिस्तान के दूतावास से संपर्क किया. लेकिन रोम स्थित दूतावास का कोई भी अधिकारी बयान देने को तैयार नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि अभी उन्हें गिरफ़्तारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
पिछले साल मुंबई में हुए आतंकवादी हमले में कम से कम 166 लोगों की मौत हो गई थी और कई ज़ख़्मी हो गए थे. लगभग तीन दिनों तक मुंबई में आतंकवादी क़हर बरपाते रहे और आख़िरकार सुरक्षा एजेंसियों ने सभी आतंकवादियों को मार गिराया. हमले का एकमात्र आरोपी अजमल क़सब मुंबई पुलिस की गिरफ़्त में है. वह एक पाकिस्तानी नागरिक है.
भारत सरकार का आरोप है कि हमले की तैयारी पाकिस्तान में की गई और कुछ पाकिस्तानी एजेंसियों ने इसमें मदद भी की. इस सिलसिले में भारत ने पाकिस्तान सरकार को सबूत भी पेश किए हैं. पाकिस्तान यह तो मानता है कि पकड़ा गया एकमात्र आरोपी उसका नागरिक है लेकिन इस बात से इनकार करता है कि उसका इस हमले से कोई लेना देना है.
रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल