कुछ भारतीय एनजीओ ने नाइजीरिया में 9,000 से ज़्यादा लोगों की आंखों का मुफ़्त ऑपरेशन किया. नाइजीरिया में अब भी दस लाख से ज़्यादा लोग दृष्टिहीन हैं. अब पैसा इकट्ठा कर करोड़ों की लागत से आंखो का अस्पताल बनाने की तैयारी है.
ग़रीबी और हिंसा की मार से जूझ रहे नाइजीरिया के लोगों को नई रोशनी भारतीय ग़ैर सरकारी संगठनों ने दी है. इंडो आई केयर फाउंडेशन ने रोटरी आई इंस्टीट्यूट और नवसारी एंड रोटरी क्लाब लाओस की मदद से 9,000 से ज़्यादा लोगों की आंखों की सफल सर्जरी की गई है. नवसारी रोटरी आई क्लब के सचिव विराल के पुरोहित के मुताबिक, ''नाइजीरिया में स्थिति डरावनी है. आबादी बहुत ज़्यादा है और सुविधाएं बेहद कम.''
इन ग़ैर सरकारी संगठनों और नाइजीरियाई स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब भी दस लाख से ज़्यादा लोग दृष्टिहीन हैं. इनमें बच्चे बड़ी तादाद में हैं. मुफ़्त इलाज के ज़रिए नई रोशनी देने की कोशिश कर रहे एनजीओ समूहों का कहना है कि ऑपरेशन में बच्चों को प्राथमिकता देने की कोशिश की जा रही है. पुरोहित कहते हैं, ''सर्जरी उन लोगों के लिए है जो पैसे की तंगी के चलते आंखों का इलाज नहीं करवा पाते हैं.''
ग़ैर सरकारी संगठनों के मुताबिक इस काम में लाओस उनकी बड़ी मदद कर रहा है. कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अब नाइजीरिया में भारतीय समुदाय और अन्य समुदायों के लोग 13 लाख डॉलर जमा करने जा रहे हैं, जिससे आंखों का एक बड़ा अस्पताल खोला जाएगा. इस काम में जुटे लोगों को उम्मीद है कि 2011 तक ये अस्पताल चलने लगेगा और आंखों की रोशनी गंवा चुके लोगों की ज़िंदगी में ये एक नया उजाला होगा.
रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह
संपादन: एस जोशी