अपना सूटकेस पैक करने से पहले कुछ बातें ज़रा ग़ौर से जान लें. यूरोप में बिजली के उपकरण 220 से 240 वोल्ट पर चलते हैं. अमेरिकी हेयरड्रायर को जर्मनी में प्लग में डालने का मतलब होगा, या आग लगना या धुंए के साथ मशीन बंद होना.
किन चीज़ों का रखें ख़्याल
अपना सूटकेस पैक करने से पहले कुछ बातें ज़रा ग़ौर से जान लें. यूरोप में बिजली के उपकरण 220 से 240 वोल्ट पर चलते हैं. अमेरिकी हेयरड्रायर को जर्मनी में प्लग में डालने का मतलब होगा, या तो आग लगना या धुंए के साथ मशीना का बोल जाना.
लोग सुझाव देते हैं कि जर्मनी आने से पहले एक एडेप्टर ज़रूर ख़रीद लें क्योंकि यहां ये मुश्किल से मिलते हैं. हालांकि अगर आप सिर्फ मोबाइल, लैपटाप, कैमरा, आईपाड या चार्जिंग वाले उपकरण लेकर चल रहे हैं एडेप्टर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि कई तरह की वोल्टेज पर चल सकते हैं.
लेकिन हां, जर्मनी में हर जगह दो पिन वाले गोल प्लग इस्तेमाल किया जाता है. लिहाज़ा अपने तीन पिन वाले सामान के लिए प्लग एडेप्टर या कर्नवर्टर ज़रूर लेकर आएं.
इंटरनेट- जर्मनी में वाई फाई कनेक्टिविटी आम बात नहीं है. ज़्यादातर एयरपोर्टों, होटलों और बड़े शहरों के बड़े कैफेज ये सुविधा मिलती है.
मोबाइल फोन- ट्राई बैंड और क्वाड बैंड मोबाइल फोन जर्मनी और यूरोप में चलता है. भारत से लाए जाने वाले फोन आसानी से काम करते हैं. बस ज़रूरत होती है सिमकार्ड की. जर्मनी में सिमकार्ड आसानी से पीसीओ या मोबाइल फोन की दुकानों पर मिल जाता है. जर्मनी से लिया गया सिम कार्ड को अगर आप यूरोप के किसी अन्य देश में इस्तेमाल करेंगे तो रोमिंग पड़ेगी.
टेलीफोन काल- जर्मनी का आईएसडी कोड 0049 या प्लस 49 है. यानी दूसरे देश से जर्मनी में फोन करने के लिए सबसे पहले यही अंक लगाने पड़ते हैं. जर्मनी से भी बाहर फोन करने के लिए दो बार शून्य और फिर आईएसडी कोड मिलाना पड़ता है.
लंबी दूरी का नंबर मिलने से पहले ये बातें ध्यान में रखें कि जर्मनी जीएमटी से एक घंटा आगे है. यानी जर्मनी लंदन से एक घंटा आगे और न्यूयार्क से भी आठ घंटे आगे है.
लेकिन भारत से जर्मनी का समय साढ़े तीन से साढ़े चार( गर्मियों में साढ़े तीन, सर्दियों में साढ़े चार) घंटा पीछे है.
जर्मनी में लैंडलाइन पर फोन करना मोबाइल पर फोन करने की तुलना में सस्ता है. बड़े शहरों में पीसीओ आसानी से मिल जाते हैं. जहां आप एक टेलीफोन कार्ड ख़रीदकर अपने देश सस्ती दरों पर लंबी बातचीत कर सकते हैं. टेलीफोन कार्ड पोस्ट आफिस, बैंक, कियोस्क और टूरिस्ट आफिसों में भी मिलते हैं.
फोन करते समय सबसे पहले विनम्रता से अपना नाम बताएं. जर्मनी के लोग सामान्यता फोन उठाते ही अपना सरनेम लेते हैं.
जर्मनी में फोन करने के लिए भी तयशुदा वक्त ही है. किसी के घर पर रात को दस बजे के बाद फोन करना ठीक नहीं माना जाता है. हां अगर यारी दोस्ती या फिर पहले से सहमति बनी है तो बात अलग है. बिजनेस के सिलसिले में किसी को शाम को पांच बजे के बाद फोन न करें. शुक्रवार को तो चार बजे के बाद भी फोन न करें.
पोस्ट आफिस- जर्मनी में डाक विभाग डाएचे पोस्ट (डीएचएल) नामकी करती है. सोमवार से शुक्रवार तक पोस्ट आफिस से सुबह नौ बजे से शाम के छह बजे तक खुले रहते हैं. लेकिन शनिवार को डाक विभाग के दफ्तर दोपहर 12 बजे ही बंद हो जाते हैं.
शहरों में पीले रंग के सार्वजनिक डाक डब्बे दिखाई पड़ते हैं. डिब्बों में पिकअप टाइम भी लिखा होता है. जर्मनी में ही 20 ग्राम तक वजनी कोई डाक भेजने का ख़र्च 55 यूरो सेंट आता है. यहां से इतनी ही वजनी डाक अगर किसी अन्य यूरोपीय देश में भेजनी हो तो 15 सेंट ज़्यादा चुकाने पड़ते हैं. यूरोप से बाहर किसी अन्य देश में एक सामान्य चिट्ठी भेजने का ख़र्च 1.70 यूरो आता है. पोस्टकार्ड कुछ सस्ता होता है, इसे जर्मनी में ही भेजने के लिए 45 सेंट और बाहर भेजने के लिए एक यूरो देना पड़ता है.
जर्मनी में पिन कोड की बड़ी अहमियत है. यहां पिन कोड पांच अंको का होता है. डाएचे पोस्ट की बेवसाइट पर देश से सभी और विदेश के कई पिन कोडों की जानकारी उपलब्ध रहती है.