भारत में आम आदमी का ध्यान रखते हुए रेल बजट पेश किया गया. रेल मंत्री ममता बनर्जी ने किराए में कोई इज़ाफ़ा नहीं किया गया, जबकि 12 नॉन स्टॉप ट्रेनें चलाने का एलान किया है. ग़रीब तबक़े के लिए ख़ास सुविधाएं.
यात्रियों का रखा ख़्याल
रेल मंत्री ममता बनर्जी ने संसद में रेल बजट पेश किया और आम आदमी को राहत देते हुए घोषणा की कि यात्री भाड़े और माल भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की जा रही है. ममता बनर्जी ने 57 नई ट्रेनें शुरू करने की घोषणा भी की, जिनमें दो राजधानी और एक शताब्दी ट्रेन शामिल हैं. इसी के साथ 27 ट्रेनों के रास्ते बदले गए हैं और 13 के फेरे बढ़ा दिए गए हैं.
रेल बजट में
भारतीय रेल और भारतीय
अगले एक साल में 250 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाने की योजना का प्रस्ताव भी किया गया है. ममता बनर्जी ने घोषणा की कि नवीनगर में एनटीपीसी यानी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम के सहयोग से एक बिजली संयंत्र स्थापित किया जा रहा है. रेल मंत्री ने यह घोषणा भी की कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ उन स्थानों पर मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे जहां रेलवे के अस्पताल चल रहे हैं.
अब 1500 रुपये से कम मासिक आमदनी वाले यात्रियों को 100 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए मात्र 25 रुपये में मासिक पास मिला करेगा. तत्काल आरक्षण पर न्यूनतम शुल्क को 150 रुपये से घटाकर 100 रुपये और उसका समय पांच दिन से घटा कर दो दिन कर दिया गया है. मुंबई, हावड़ा, सियालदह, गुवाहाटी और मैंगलोर सहित 50 रेलवे स्टेशनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा. रेलवे सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
आम लोगों ने रेल बजट का स्वागत किया है. लेकिन पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि इन घोषणाओं पर अमल मुश्किल है और हाथी के दांत खाने के और होते हैं और दिखाने के और. बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने भी अपना संशय व्यक्त करते हुए कहा कि जब इन घोषणाओं पर अमल हो जाएगा तभी इस रेल बजट की सार्थकता सिद्ध होगी. उनके पार्टी सहयोगी और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज़ हुसैन ने शिकायत की कि रेल बजट में बिहार की अनदेखी की गयी है.
उद्योग एवं वाणिज्य जगत के प्रमुख संगठन फिक्की के महासचिव अमित मित्र ने रेल बजट को प्रगतिशील और नयी सूझ बूझ वाला बताकर उसका स्वागत किया है.
रिपोर्टः कुलदीप कुमार, नई दिल्ली
संपादनः ए जमाल