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दुनिया

पाकिस्तान में फिर अमेरिकी राजनयिक गिरफ्तार

पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास के एक कर्मचारी को कारतूसों के साथ पेशावर में पकड़ा गया. संदिग्ध स्थिति को देखते हुए उससे लंबी पूछताछ हुई, जिसके बाद उसे रिहा कर दिया गया. वह पेशावर से विमान पकड़ कर इस्लामाबाद जा रहा था.

पेशावर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ताहिर अय्यूब ने बताया कि फ्लाइट पकड़ने से पहले उसे हिरासत में ले लिया गया और लगभग चार घंटे तक उससे पूछताछ की गई. बाद में अमेरिकी दूतावास ने फोन करके उन्हें बताया कि वह वाणिज्य दूतावास में काम करता है. इसके दस्तावेज भी उन्होंने पेश किए. तब अमेरिकी नागरिक को छोड़ दिया गया. इसका नाम अभी तक सामने नहीं आया है.

इस्लामाबाद में एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा, "उसे वाणिज्य दूतावास के हवाले कर दिया गया है. अभी वह वहीं है." उन्होंने बताया कि वह दूतावास में काम करने वाला कर्मचारी है. आम तौर पर दूतावास के कर्मचारी इस्लामाबाद में रहते हैं लेकिन अभी वह खास काम से पेशावर के वाणिज्य दूतावास में था.

पुलिस ने इससे पहले कहा था कि जब तक पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय इस व्यक्ति की पहचान की पुष्टि नहीं कर लेता, तब तक उसे रिहा नहीं किया जाएगा. इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में कहा कि वह मामले की गंभीरता को देख रहे हैं. अमेरिकी अधिकारी का कहना था, "उसके पास राजनयिक का दर्जा है. हम इस मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में हैं और मामले की पड़ताल कर रहे हैं."

अय्यूब का कहना है कि इस शख्स के सामान से एक पिस्तौल और 12 गोलियां बरामद हुईं, जबकि दूसरे अधिकारी का कहना है कि उसके पास सिर्फ गोलियां थीं. इस घटना के साथ ही पिछले साल जनवरी का रेमंड डेविस कांड ताजा हो गया. उस वक्त सीआईए के एक कर्मचारी डेविस ने लाहौर शहर में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या कर दी थी. उस घटना में भागते वक्त डेविस की कार के पास जो हादसा हुआ, उसकी वजह से तीसरे पाकिस्तानी नागरिक की भी मौत हो गई.

इस विवाद के बढ़ने के साथ अमेरिका ने दावा किया कि डेविस के पास राजनयिक छूट है. लेकिन पाकिस्तान ने इस बात को नहीं माना. डेविस को करीब दो महीने तक जेल में रहना पड़ा, जिसके बाद ब्लड मनी देकर वह रिहा हो पाया. दरअसल रेमंड डेविस कांड के साथ ही पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते खराब होने शुरू हुए. बाद में जब अमेरिकी सेना की विशेष टुकड़ी ने इस्लामाबाद के पास एबटाबाद में अल कायदा प्रमु्ख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया, तो उसके बाद दोनों देश बहुत दूर हो गए.

रिपोर्टः एपी, रॉयटर्स/ए जमाल

संपादनः महेश झा

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