
मालदीव के बेदखल राष्ट्रपति नशीद ने गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद कहा है कि ताजा हालात के मुताबिक वह कल जेल में हो सकते हैं. एक अदालत ने मालदीव के पूर्व रक्षा मंत्री के खिलाफ भी वारंट जारी किया है.
बेदखल राष्ट्रपति ने अपने घर में रिपोर्टरों से मुस्कुराते हुए, इत्मिनान से बात कहते हुए कहा, "गृह मंत्री ने कसम खाई है कि मैं पहला ऐसा पूर्व राष्ट्रपति बनूंगा जो अपनी पूरी जिंदगी जेल में बिताने वाला हूं. मुझे उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मालदीव में होने वाली घटनाओं पर नजर रखेगी. जमीनी सच्चाई यह है कि कल मैं जेल चला जाऊंगा."
क्रिमिनल कोर्ट ने मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री की गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हैं. राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दिया था पर एक दिन बाद आरोप लगाया कि उन्हें बंदूक की नोंक पर हटाया गया.
राजधानी माले में क्रिमिनल कोर्ट के वारंट जारी करने की नशीद की पार्टी ने पुष्टि की. मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने बताया, "उनकी और पूर्व रक्षा मंत्री की गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए हैं लेकिन आरोपों के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं." पुलिस ने बुधवार रात टीवी पर बयान दिया कि नशीद को हटाए जाने के बाद उनके नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन आतंकवादी कार्रवाई थी. एमडीपी अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और सेना नशीद को गिरफ्तार करने जा रही थी.
मोहम्मद नशीद ने देश में जारी राजनैतिक संकट के मद्देनजर कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत की. बुधवार को नशीद उस समय घायल हो गए थे जब उन्हें हटाए जाने के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस ने पीटा. उपराष्ट्रपति मोहम्मद वाहिद हसन माणिक को इस बीच राष्ट्रपति बना दिया गया है. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाएंगे.
विरोध प्रदर्शन
नशीद की सरकार के विरोध में प्रदर्शन उस समय शुरू हुए जब उन्होंने सेना को क्रिमिनल कोर्ट के चीफ जस्टिस को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. नशीद का कहना था कि जज पूर्व राष्ट्रपति मामून अब्दुल गय्यूम के साथियों पर लाखों डॉलर के भ्रष्टाचार के मामले और मानवाधिकार हनन के मुकदमे रोक रहे हैं. गय्यूम नशीद से पहले 30 साल मालदीव के राष्ट्रपति थे.
पश्चिमी देशों ने नशीद की पार्टी सहित सभी पार्टियों से राष्ट्रीय एकता की सरकार में शामिल होने की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों के बयानों से लगता है कि उन्होंने सत्ता के बदलाव को समर्थन दिया है.
हालांकि श्रीलंका और मालदीव के लिए ब्रिटिश उच्चायुक्त जॉन रैंकिन ने नशीद के बारे में चिंता जताई है. हमें राष्ट्रपति नशीद की गिरफ्तारी के वारंट की जानकारी है. "हमें चिंता है कि उन्हें कुछ हो नहीं. अगर कुछ होता है तो हमारे लिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह चिंता की बात होगी."
दूसरे शहर में भी सेना
उधर मालदीव के दूसरे सबसे बड़े शहर अद्दू में भी गुरुवार को सेना तैनात की गई. शहर के मेयर अब्दुल्ला सोडिग के मुताबिक कानून और व्यवस्था की स्थिति बुरी है. करीब 300 सैनिक और सशस्त्र पुलिस बल यहां तैनात हैं. अद्दू में बुधवार रात हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने दो पुलिस स्टेशन सहित दो इमारतों में आग लगा दी. यह हिंसा राजधानी माले से शुरू हुई थी जहां पुलिस और नशीद के समर्थकों में मुठभेड़ हुई थी. हिंसा शुरू होने से पहले सुरक्षा कर्मी अद्दू के गान एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे हुए थे क्योंकि इस एयरपोर्ट पर विदेशों से आने वाले पर्यटक आते हैं और यहां से अलग अलग द्वीपों पर जाते हैं. 32,000 की जनसंख्या वाला अद्दू मालदीव का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. शहर के मेयर ने जानकारी दी है कि एयरपोर्ट से हॉलिडे रेसॉर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए कोई मुश्किल नहीं है लेकिन किसी को भी शहर में नहीं आना चाहिए.
माले में सेना के प्रवक्ता अब्दुल रहीम अब्दुल लतीफ ने शहर में सेना की तैनाती की पुष्टि की है. "हम एयर पोर्ट की सुरक्षा कर रहे हैं और अद्दू में सेना पुलिस के साथ मिल कर कानून व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश कर रही है."
रिपोर्टः रॉयटर्स/एएफपी/आभा एम
संपादनः महेश झा