
ऑस्ट्रेलिया ने तीन देशों की वनडे सीरीज से माउथ फ्रेशनर के उस विवादित विज्ञापन को हटाने का फैसला किया है, जो तंबाकू उत्पाद भी बनाती है. तंबाकू का विज्ञापन देने से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर भारी जुर्माना लग सकता है.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सूचित किया है कि जब उसे पता चला कि इस विज्ञापन से तंबाकू का प्रचार हो सकता है, तो उसने मैदान की बाउंड्री पर लगे हिन्दी भाषा के इन विज्ञापनों को हटाने का फैसला कर लिया. प्रवक्ता पीटर यंग ने बताया कि उन्होंने भारत सरकार से इस विज्ञापन का अनुवाद मांगा था और उन्हें बताया गया था कि यह माउथ फ्रेशनर का इश्तिहार है. उन्होंने कहा, "वे हमारे पास आए और कहा कि यह एक माउथवॉश है. उन्होंने कम से कम इतना तो जरूर कहा कि यह किसी तंबाकू का इश्तिहार नहीं है."
ऑस्ट्रेलियाई अखबार सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने अपनी रिपोर्ट में टीबी और फेफड़ों की बीमारी के अंतरराष्ट्रीय यूनियन के डॉक्टर नेविन विल्सन के हवाले से कहा है, "लेकिन ज्यादातर भारतीय जब इस विज्ञापन को देखेंगे को उनके मन में खुद ब खुद तंबाकू का ध्यान आएगा. तंबाकू का प्रत्यक्ष या परोक्ष विज्ञापन देने पर भारत में पाबंदी है. वहां हर साल लगभग नौ लाख लोग तंबाकू सेवन की वजह से जान गंवाते हैं."
क्या है विज्ञापन
विज्ञापन में कमला पसंद लिखा था, जो तंबाकू उत्पाद के साथ तंबाकूरहित माउथ फ्रेशनर भी बनाती है. डॉक्टर विल्सन का कहना है कि अगर यह विज्ञापन माउथ फ्रेशनर का है, तो भी लोग इस ब्रांड को तंबाकू की वजह से जानते हैं. यह विज्ञापन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सभी चारों टेस्ट मैचों में दिखाया गया. इसके अलावा यह दोनों ट्वेन्टी 20 मैचों और पिछले वनडे मैच में भी लगा था.
विज्ञापन को पूरी सीरीज में दिखाने की योजना थी. इससे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को अरबों रुपये का मुनाफा होगा लेकिन तंबाकू का इश्तेहार दिखाने से उस 66,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना हो सकता है. 1992 में तंबाकू उत्पादों के इश्तिहार पर पाबंदी लगा दी गई थी. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने विज्ञापन हटा कर ठीक किया है क्योंकि बाद में पछताने से अच्छा है कि अभी सुरक्षित हो जाया जाए.
भारत से शिकायत
ऑस्ट्रेलिया की स्मोकिंग पर कार्रवाई और सेहत (एएसएच) ने जनवरी में इस विज्ञापन के खिलाफ शिकायत की थी. इसकी प्रमुख एने जोन्स का कहना है कि अब इस बात की शिकायत भारत सरकार से की जा रही है. उनका कहना है कि तंबाकू कंपनियां तंबाकूरहित उत्पाद का विज्ञापन करके अपना बाजार चमकाना चाहती हैं. उनका कहना है, "हमें भारत से जानकारी मिली है कि यह कोई माउथवॉश नहीं है, बल्कि तंबाकू उत्पाद बनाने वाली बड़ी कंपनी है." उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पर भी दबाव बनाते हुए कहा कि अगर आप जिम्मेदार संस्था हैं, तो दूसरी भाषा का विज्ञापन लेते हुए आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है.
यंग का कहना है कि इस मामले को गंभीरता के साथ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जेम्स सदरलैंड तक पहुंचाया जा रहा है. इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एक चिट्ठी लिखी है. स्वास्थ्य मंत्री तान्या प्लिजरबेक ने कहा है कि इस विज्ञापन को लेकर बहुत जगहों से शिकायतें आई हैं और उन्होंने इस पर बोर्ड से सफाई मांगी है.
रिपोर्टः एएफपी, एपी/ए जमाल
संपादनः आभा एम