टीवी पत्रकारों के लिए स्मार्ट बनने की कोशिश कई बार कितनी भारी पड़ती है, यह बात ब्रिटेन के मशहूर एंकर जेरेमी क्लार्कसन से पूछी जा सकती है. उन्होंने टॉक शो में हड़तालियों को उनके परिवार के सामने गोली मारने की राय दे डाली.
क्लार्क्सन के लिए मुश्किल वक्त
बवाल इतना बढ़ गया कि ब्रिटेन के कामगार संगठनों ने मुकदमा तक करने की धमकी दे दी और टीवी चैनल से क्लार्कसन को बर्खास्त करने की मांग कर डाली. क्लार्कसन एक बेहद मशहूर टीवी प्रेजेंटर हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के खास दोस्त भी हैं. इस घटना के बाद कैमरन ने भी क्लार्कसन की निंदा की और कहा कि यह बयान बेहद खराब है. हालांकि कैमरन ने कहा कि वह समझते हैं कि क्लार्कसन ने यह बात यूं ही कह दी होगी.
क्लार्कसन बीबीसी के मशहूर कार्यक्रम टॉप गीयर के एंकर हैं और इसे पेश करने की उनकी अदा की वजह से ही यह कार्यक्रम न सिर्फ ब्रिटेन, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर हुआ है. एक अनुमान के मुताबिक 170 देशों के लगभग 35 करोड़ लोग हर हफ्ते इस शो को देखते हैं.
पेंशन के लिए हड़ताल
उन्होंने यह बयान ऐसे वक्त में दिया, जब ब्रिटेन के लाखों लोग पेंशन में इजाफे की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे थे. इस दौरान टीवी के एक चैट शो में बैठे क्लार्कसन से जब पूछा गया कि हड़तालियों के बारे में उनकी क्या राय है, तो उन्होंने कहा, "मैं उन सब को गोली मार देना चाहता हूं." उनके इतना कहने पर स्टूडियो में बैठे दर्शक हंस पड़े. क्लार्कसन अभी यह समझ भी नहीं पाए कि यह उनके बयान पर हंसी थी या फिर व्यंग्य वाली हंसी. वह आगे कहते चले गए, "मैं उन सबको बाहर निकालूंगा और उनके परिवार वालों के सामने मार देना चाहूंगा." वह इतने पर ही नहीं रुके. उनका कहना था, "वे इस बात की हिम्मत ही कैसे कर सकते हैं कि उन्हें जबरदस्त पेंशन मिलती रहे और वह हड़ताल भी करें, जबकि हम जैसे लोगों को काम करते रहना पड़े."
ब्रिटेन में पेशन सुधार के खिलाफ कर्मचारी यूनियन
इतना कहने के बाद ब्रिटेन के कर्मचारी संगठनों में रोष छा गया. कर्मचारी संगठन यूनिसन की उप महासचिव कैरेन जेनिंग्स ने क्लार्कसन की तुलना लीबिया के पूर्व तानाशाह कर्नल गद्दाफी से कर दी, "वह वैसा ही कह रहे हैं, जैसा गद्दाफी प्रदर्शनकारियों के बारे में बोलते थे. यह नफरत भड़काने के लिए दिया गया बयान है और हम कानूनी कार्रवाई के लिए सलाह ले रहे हैं." इसके अलावा यूनियन ने क्लार्कसन को नौकरी से बर्खास्त करने की भी मांग कर दी. बाद में बीबीसी ने अपने दूसरे कार्यक्रम में भी क्लार्कसन के बयान पर सफाई दी.
एंकर की माफी
मामले को बढ़ता देख क्लार्कसन ने निजी तौर पर टीवी पर माफी मांगी और कहा, "मैंने एक क्षण के भी नहीं सोचा था कि मेरे बयान को गंभीरता से लिया जाएगा. लेकिन मेरी वजह से अगर कोई आहत हुआ है तो मैं उसके लिए माफी मांगना चाहता हूं." वैसे पूरी दुनिया में मशहूर टीवी एंकरों को दर्शक बेहद गंभीरता से लेते हैं. इतना ही नहीं, खुद क्लार्कसन की कंपनी में भी हड़ताल का प्रावधान है और कई बार उनकी कंपनी के लोग हड़ताल कर चुके हैं.
क्लार्कसन की माफी के बाद कर्मचारी यूनियन थोड़ा ढीला पड़ा. यूनिसन के महासचिव डेव प्रेंटिस ने क्लार्कसन को सलाह दी कि उन्हें अब समाजसेवियों के साथ अस्पताल में एक दिन गुजारना चाहिए और मरीजों की सेवा करनी चाहिए.
वैसे, क्लार्कसन पहले भी टीवी पर खतरनाक और उत्तेजक बयान दे चुके हैं. पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन को तो उन्होंने एक बार "वन-आइड स्कॉटिश इडियट" (एक आंख वाला स्कॉटलैंड का बेवकूफ) कह दिया था. बचपन में रग्बी खेलते हुए ब्राउन की एक आंख में चोट लगी थी, जिससे वह खराब हो गई.
रिपोर्टः एएफपी, रॉयटर्स/ए जमाल
संपादनः ओ सिंह