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दुनिया

अन्य खबरें

  • Ein Schild weist aauf der Autobahn 5 vor der Tank- und Rastanlage Baden-Baden auf die dortige Autobahnkirche hin. - Foto: dpa

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    आराम और ध्यान

    हाईवे पर लंबी ड्राइव यानी भरपूर तनाव. जर्मनी में ये और ज्यादा है क्योंकि यहां हाईवे पर अक्सर स्पीड लिमिट नहीं होती. इसलिए थोड़े आराम और शांति की अक्सर जरूरत पड़ती है. देश भर में हाईवे पर 40 चर्च बनाए गए हैं.

  • Autobahnkirche Baden-Baden - Foto: dpa

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    स्ट्रीट आर्ट

    बाडेन बाडेन के पास हाईवे पर सेंट क्रिस्टोफर्स चर्च में सालाना कम से कम तीन लाख यात्री आते हैं. पिरामिड जैसी इमारत 1978 में बनाई गई थी. ये डिजाइन आर्किटेक्ट एमिल वाख्टर का है. यह सिर्फ हाइवे के चालकों के लिए ही नहीं, स्थानीय लोग भी यहां आते हैं.

  • Die Wegkapelle Wörmedsöd am Wanderweg auf den Blasenstein - Foto: picture alliance / Rainer Hackenberg

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    लंबी परंपरा

    मध्ययुग में लोगों ने अपनी यात्रा के रास्ते में प्रार्थना घर बनवाए. चाहे वो क्रॉस हो, छोटे चैपल हों या चर्च. आज भी इन्हें पुराने जमानों के हाइवे के आसपास देखा जा सकता है. आज यहां से लोग पैदल यात्रा या हाइकिंग करते हैं. जैसे उस समय ऑस्ट्रिया का यह वोएर्मेसोएड चैपल.

  • Reisende an der Autobahnkirche Exter im Jahre 1959 - Foto: Bundesarchiv, Bild 194-3318-77 / Lachmann, Hans / CC-BY-SA - Quelle: Wikipedia
http://commons.wikimedia.org/wiki/File:Bundesarchiv_Bild_194-3318-77,_Exter,_evangelische_Autobahnkirche.jpg

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    पुरानी प्रतिस्पर्धा

    हाइवे पर सबसे पुराने चर्चों में एक है मध्य जर्मन शहर एक्स्टर में. इसे 1666 में बनाया गया था. यह हाइवे चर्च तब बना जब 1959 प्रोटेस्टेंट चर्च अपनी भी एक इमारत खड़ी करना चाहता था जो बवेरिया के हाइवे पर बने कैथोलिक चर्च के तोड़ में बनाया जाना था. यहां आराम करने और खेलने के लिए जगह है.

  • Außenansicht der Autobahnkirche in Exter - Foto: dpa

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    पुराना चर्च

    एक्स्टर चर्च को खुद को कई बार बदलना पड़ा. 500 साल तक यह पारंपरिक चर्च था और 50 साल से यह हाइवे चर्च है. अब यहां पुलिस कर्मियों, अग्निशमन कर्मचारियों के लिए भी सर्विस हैं.

  • Im Altarraum der Autobahnkirche in Exter ist der Satz zu lesen: Kommt her zu mir alle, die ihr mühselig und beladen seid, ich will euch erquicken. - Foto: VRK

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    दीवार पर

    यात्रियों को आमंत्रण बड़े अक्षरों में दीवार पर लिखा है. हल साल एक्स्टर में 30 हजार से ज्यादा लोग आते हैं और आराम की सांस लेते हैं.

  • Der Innenraum der Autobahnkapelle in Bochum - Foto: VKR

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    आकर्षक डिजाइन

    बोखुम के राजमार्ग पर बना चर्च स्थानीय लोग इस्तेमाल कर करते थे. लेकिन यहां हाइवे बनने के कारण इसे हाइवे चर्च बना दिया गया. बाउहाउस आर्किटेक्चर वाला यह चर अंदर से बहुत रंग बिरंगा है.

  • Der Gebetsraum der Autobahnkirche Medenbach - Foto: VKR

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    स्वर्ग से संपर्क

    फ्रैंकफर्ट के पास मेडेनबाख का यह हाइवे चर्च सूरज की रोशनी से भरपूर है. ग्लास की छत आसमान में खुलती है. दिन या रात जब भी जाएं यहां से खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं.

  • Die Autobahnkirche Emmauskapelle - Foto: VRK

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    मॉडर्न क्यूब

    आर्किटेक्चर की खूबसूरती सामान्य तौर पर हाइवे चर्चों में नहीं मिलती लेकिन श्टुटगार्ट का एम्माउस चर्च अलग है. यह साधारण चौकोर है जिसका सामने का हिस्सा कांच से बना है. दूर से ही यह दिख जाता है.

  • Außenansicht der Autobahnkirche Siegerland - Foto: VRK

    अगले मोड़ पर भगवान मिलेगा

    प्रयोगात्मक डिजाइन

    जर्मनी का सबसे नया हाइवे चर्च अंतरिक्ष यान जैसा दिखाई देता है. यह 2013 में बना. सीगरलैंड चर्च को निजी दानदाताओं के पैसे से बनाया गया.


    रिपोर्ट: क्लाउस डीन/एएम | संपादन: मानसी गोपालकृष्णन