1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages
Wrong language? Change it here. DW.DE has chosen हिन्दी as your language setting.
---
DW-Grafik: Peter Steinmetz

भारत चीनः युद्ध के 50 साल बाद

  • चीन का पीछा

    भारत चीन: आंकड़ों में

    चीन का पीछा

    भारत की आबादी औपचारिक रूप से साल 2000 में एक अरब की सीमा पार कर गई. 2025 तक वह चीन को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा.

  • युवा आबादी

    भारत चीन: आंकड़ों में

    युवा आबादी

    चीन अपनी आबादी की बढ़ती उम्र की चिंता कर रहा है तो भारत आने वाले वर्षों में युवा समाज बना रहेगा. वजह है कम जीवन दर और प्रति महिला ज्यादा बच्चे.

  • खेती की जमीन

    भारत चीन: आंकड़ों में

    खेती की जमीन

    चीन के पास खेती लायक भूमि कम है. 2011 में उसे पहली बार चावल, गेहूं और मक्के का निर्यात से ज्यादा आयात करना पड़ा. इसके विपरीत भारत खाद्य पदार्थों का निर्यात ज्यादा करता है.

  • आर्थिक मोटर

    भारत चीन: आंकड़ों में

    आर्थिक मोटर

    भारत के तेज विकास के बावजूद चीन के साथ बड़ा अंतर है. दोनों के विकास के साथ विश्व अर्थव्यवस्था की उम्मीदें जुड़ी हैं. लेकिन भारत की विकास दर कमजोर पड़ी है.

  • अर्थव्यवस्था का नेटवर्क

    भारत चीन: आंकड़ों में

    अर्थव्यवस्था का नेटवर्क

    विदेश व्यापार में भी दोनों देशों के बीच काफी अंतर है. भारत में विदेशी निवेश में कमी की वजह सुधार न होना और यूरो संकट है. चीन निर्यात पर निर्भरता कम करना चाहता है.

  • विकास का अंतर

    भारत चीन: आंकड़ों में

    विकास का अंतर

    भारत और चीन के बीच विकास का अंतर बिजली कनेक्शन और ऊर्जा की खपत में भी दिखता है. भारत काफी पीछे है. आर्थिक विकास से पर्यावरण पर दबाव और बढ़ेगा.

  • हथियारों की होड़

    भारत चीन: आंकड़ों में

    हथियारों की होड़

    भारत का रक्षा बजट चीन का एक तिहाई है, लेकिन भारत चीन की तुलना में आर्थिक क्षमता का बड़ा हिस्सा हथियारों पर खर्च करता है. वह सबसे बड़ा हथियार आयातक है.


    रिपोर्ट: महेश झा | संपादन: अनवर जमाल अशरफ